Saptadhara Plan का सीधा मतलब है विकास की सात ऐसी प्रमुख धाराएं, जिन्हें भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने इसे प्राचीन ‘Sapta Sindhu’ यानी सात नदियों की अवधारणा से जोड़ते हुए देश के सामने नई ‘शक्ति की धाराओं’ के रूप में पेश किया।
इन सात धाराओं में शामिल हैं:
- Manufacturing Power
- Agriculture & Food Processing
- Technology & Innovation
- Gati Shakti
- Defence Shakti & Aatmanirbhar Defence
- Green Economy & Blue Economy
- India’s Soft Power
- Manufacturing Power: दुनिया की Supply Chain में भारत की बड़ी भूमिका
Saptadhara Viksit Bharat की पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग को बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद हब के तौर पर उभरना होगा।
इसके लिए सिर्फ तैयार सामान बनाने के बजाय पूरी वैल्यू चेन को भारत में विकसित करने पर जोर दिया गया यानी कंपोनेंट्स, डिजाइन से लेकर अंतिम उत्पाद तक।
मोदी ने भारतीय कंपनियों से Cost, Quality और Scale के मामले में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने का आह्वान किया। उन्होंने Zero-Defect और Precision Manufacturing को भारत की पहचान बनाने पर जोर दिया।
- Agriculture और Food Processing: किसान से Global Food Power तक
Saptadhara Plan की दूसरी धारा कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित है।
लक्ष्य सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की उपज में ज्यादा वैल्यू जोड़कर भारत को वैश्विक फूड पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है।
प्रधानमंत्री ने खाद की कीमतों का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब ₹3,000 की कीमत वाली यूरिया की बोरी भारतीय किसानों को ₹300 में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह करीब ₹5,000 की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले DAP को ₹1,350 में देने की बात कही।
- Technology & Innovation: भविष्य की Growth Engine
तीसरी धारा Technology & Innovation है।
इसका फोकस भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और Innovation को देश की भविष्य की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनाने पर है।
Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य में टेक्नोलॉजी की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत को केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि नई तकनीक और Innovation विकसित करने वाला देश बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
- Gati Shakti: तेज Connectivity से तेज Economy
चौथी धारा है Gati Shakti।
इसके तहत विश्वस्तरीय और तेज कनेक्टिविटी तथा इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ के तौर पर देखा गया है।
बेहतर सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और दूसरी कनेक्टिविटी से लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही तेज होगी। इसका सीधा असर देश की आर्थिक प्रतिस्पर्धा और कारोबार की गति पर पड़ने की उम्मीद है।
- Defence Shakti और Aatmanirbhar Defence
पांचवीं धारा राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से जुड़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में रणनीतिक संसाधनों और सप्लाई को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। पेट्रोल–डीजल, खाद, दवाइयों और टेक्नोलॉजी चिप्स जैसे संसाधनों के वैश्विक स्तर पर ‘weaponisation’ का हवाला देते हुए उन्होंने आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताया।
इसीलिए Atmanirbhar Bharat के तहत भारत में रक्षा उपकरणों के उत्पादन और घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- Green Economy और Blue Economy: विकास के साथ Sustainability
छठी धारा Green Economy और Blue Economy को साथ लेकर चलती है।
इसमें पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक विकास के साथ भारत के समुद्री संसाधनों और विशाल तटरेखा की क्षमता का इस्तेमाल करने पर जोर है।
प्रधानमंत्री ने मछुआरा समुदाय और Seafood Exports जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं का उल्लेख किया। Free Trade Agreements के जरिए भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।
- India’s Soft Power: दुनिया में भारत की बढ़ती पहुंच
Saptadhara Plan की सातवीं और आखिरी धारा भारत की Soft Power है।
इसका मतलब भारत की संस्कृति, कूटनीति, उत्पादों और वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करना है।
मोदी ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने करीब 40 देशों के साथ FTA किए हैं। उन्होंने खासतौर पर MSMEs से वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पाद पहुंचाने की अपील की।
उनका जोर इस बात पर था कि भारतीय उत्पाद दुनिया तक पहुंचें, लेकिन इसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता और कीमत के मानकों पर खरा उतरना होगा।
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