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PM Modi Speech 2026: लाल किले से पीएम मोदी के 7 बड़े ऐलान, ‘दिमागी नक्सल’ से लेकर AI ट्रेनिंग और विकसित भारत तक क्या दिया संदेश?

PM Modi Speech independence day 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था। करीब 76 मिनट के संबो

PM Modi Speech 2026: लाल किले से पीएम मोदी के 7 बड़े ऐलान, ‘दिमागी नक्सल’ से लेकर AI ट्रेनिंग और विकसित भारत तक क्या दिया संदेश?

PM Modi Speech independence day 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था। करीब 76 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवाओं, AI, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार की दिशा बताई। भाषण में उन्होंने नक्सलवाद के बाद अब ‘दिमागी नक्सल’ से सावधान रहने की बात भी कही।

इस बार लाल किले के कार्यक्रम में पहली बार वंदे मातरम् की प्रस्तुति भी खास आकर्षण रही। प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी के बीच देश को संबोधित किया। 2026 में लाल किले से यह प्रधानमंत्री मोदी का 13वां ध्वजारोहण रहा।

मोदी ने कहा- हथियारबंद नक्सल गए, अब ‘दिमागी नक्सल’ से सावधान रहना होगा

प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण में नक्सलवाद को लेकर कहा कि सरकार ने हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास का तिरंगा लहरा रहा है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि “हथियारबंद नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं।” प्रधानमंत्री के मुताबिक ऐसे लोग हिंसा और अराजकता के रास्ते तलाशते हैं और युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को पहचानने, अलग-थलग करने और देश की युवा पीढ़ी को विकास के रास्ते से जोड़ने की बात कही।

 

2047 तक विकसित भारत के लिए मोदी ने बताई ‘शक्ति की सप्तधारा’

इस बार प्रधानमंत्री के भाषण का बड़ा हिस्सा ‘शक्ति की सप्तधारा’ पर रहा। इसके जरिए उन्होंने अगले कुछ वर्षों में भारत के विकास की सात प्रमुख दिशाएं बताईं। इनमें मैन्यूफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति यानी कनेक्टिविटी, रक्षा क्षमता, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों से आगे बढ़ चुका है। 2047 में जब देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि काम करने की गति और वर्क कल्चर में भी बदलाव करना होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 5-7 दशकों में जो काम नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले 5-7 साल में पूरा करने की कोशिश करनी होगी।

 

मैन्यूफैक्चरिंग में सिर्फ असेंबली नहीं, छोटे पुर्जों से पूरा सामान भारत में बने

मोदी ने मैन्यूफैक्चरिंग को विकसित भारत की पहली बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल बड़े उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि छोटे-छोटे कंपोनेंट से लेकर पूरा उत्पाद बनाने की क्षमता विकसित करनी होगी।

प्रधानमंत्री ने उद्योगों से ग्लोबल मार्केट में भारतीय उत्पादों की पहचान गुणवत्ता और भरोसे के साथ बनाने का आह्वान किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत को दुनिया की सप्लाई चेन में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और ट्रेड डील्स का भी जिक्र किया और कहा कि पंजाब के लुधियाना से लेकर तमिलनाडु के तिरुपुर तक का टेक्सटाइल सेक्टर दुनिया के बाजार में अपनी जगह बना सकता है।

 

किसान और फूड प्रोसेसिंग को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर जोर

‘सप्तधारा’ की दूसरी शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने किसान और फूड प्रोडक्शन-प्रोसेसिंग को रखा। उन्होंने कहा कि भारत के मसाले, फल, फूल और दूसरे खाद्य उत्पादों को दुनिया के बाजार में बड़ी पहचान मिलनी चाहिए।

यानी सरकार का जोर केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उत्पादन के बाद उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच बनाने पर भी रहेगा।

 

AI और क्वांटम से लेकर सेमीकंडक्टर तक टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव

तीसरी शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया अब डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के दौर में पहुंच चुकी है और भारत को इन क्षेत्रों में पीछे नहीं रहना है।

युवाओं के लिए उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं के लिए अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की बात कही।

युवाओं को खेलों और इनोवेशन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। सरकार ने बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए राष्ट्रीय स्तर के अभियान की दिशा में भी संकेत दिए हैं।

 

गति शक्ति से शहर, बंदरगाह और कनेक्टिविटी को जोड़ने का लक्ष्य

‘सप्तधारा’ की चौथी शक्ति गति शक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सीमलेस और तेज कनेक्टिविटी जरूरी है।

उन्होंने शहरों को मेट्रो से जोड़ने, पोर्ट्स को बेहतर पोर्ट-लैंड कनेक्टिविटी से जोड़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज करने की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य देश के भीतर सामान और लोगों की आवाजाही को ज्यादा तेज और कुशल बनाना है।

 

डिफेंस में आत्मनिर्भरता के साथ साइबर सुरक्षा पर भी जोर

पांचवीं शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने रक्षा शक्ति को रखा। उन्होंने कहा कि डिफेंस में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने अपनी क्षमता दुनिया को दिखाई है।

उन्होंने साइबर सुरक्षा को भी अब राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर क्षेत्र में देश की युवा शक्ति की क्षमता का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

ग्रीन हाइड्रोजन से ब्लू इकोनॉमी तक, ऊर्जा सुरक्षा को बताया समय की जरूरत

छठी शक्ति ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी है। प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्यूफैक्चरिंग को बड़े अवसरों के रूप में बताया।

ब्लू इकोनॉमी में भारत की लंबी समुद्री सीमा, फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और समुद्री तकनीक को आगे बढ़ाने की बात कही गई।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था को बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत है और भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए ज्यादा आत्मनिर्भर बनना होगा।

उन्होंने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य भी दोहराया। सरकार ने इस दिशा में SHANTI Act के जरिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की शुरुआत की है।

प्रधानमंत्री ने समुद्र में तेल और गैस जैसे संसाधनों की खोज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के लिए लगातार दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

 

‘वोकल फॉर लोकल’ से सेमीकंडक्टर तक आत्मनिर्भर भारत पर जोर

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को अपनी सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई चीज सस्ती या जल्दी उपलब्ध हो सकती है, लेकिन केवल आयात पर निर्भर रहने से देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।

इसी संदर्भ में उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल का जिक्र किया।

सेमीकंडक्टर को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप अब लगभग हर आधुनिक क्षेत्र के लिए जरूरी है। भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में उत्पादन और निर्यात को और बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार अगले 1-2 साल में कई और सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

 

महिला आरक्षण लागू करने के लिए विपक्ष से भी सहयोग मांगा

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि महिला आरक्षण को लागू करने में सहयोग करें। मोदी ने कहा कि अगर विपक्ष इसका क्रेडिट लेना चाहता है तो ले सकता है, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।

 

12 साल में 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।

उन्होंने डिफेंस प्रोडक्शन, खादी और ग्रामोद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग, रेलवे कोच निर्माण, मोबाइल फोन उत्पादन, इंटरनेट यूजर्स और डिजिटल ट्रांजेक्शन में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नल से जल, गैस कनेक्शन, शौचालय और गरीबों के लिए घर बनाने की रफ्तार में भी पिछले वर्षों में तेजी आई है।

 

भारत की सॉफ्ट पावर को दुनिया तक ले जाने का लक्ष्य

‘सप्तधारा’ की सातवीं शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने सॉफ्ट पावर को रखा। उन्होंने कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत से जोड़ा है और आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्म, गेमिंग, VFX, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक ताकत बन सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को इन क्षेत्रों को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इन्हें वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक सामर्थ्य में बदलना चाहिए।

मोदी बोले- ग्लोबलाइजेशन के दौर में भी आत्मनिर्भरता जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत ने आत्मनिर्भरता की बात शुरू की थी, तब कुछ लोग ग्लोबलाइजेशन का हवाला देकर इस सोच पर सवाल उठाते थे। लेकिन पिछले वर्षों में वैश्विक संकटों ने दिखाया कि कई देश संसाधनों, तकनीक और जरूरी सामान को अपने रणनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

ऐसे माहौल में भारत के लिए अपनी सप्लाई चेन, ऊर्जा, तकनीक, डिफेंस और महत्वपूर्ण उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब दुनिया से कटना नहीं है, बल्कि अपनी क्षमता इतनी मजबूत करना है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए दुनिया के साथ बराबरी से व्यापार और सहयोग कर सके।

आपदा के बीच रास्ता निकालने की क्षमता पर भी बोले मोदी

प्रधानमंत्री ने हाल की प्राकृतिक आपदाओं और संकटों का जिक्र करते हुए कहा कि देश को अब छोटे सपनों से काम नहीं चलाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच को विस्तार देते हैं और मजबूत संकल्प कठिन परिस्थितियों के बीच रास्ता निकालने की क्षमता पैदा करते हैं। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकार की ओर से सहायता और पुनर्वास के प्रयास जारी रखने की बात कही।

 

80वें स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं को बनाया भाषण का केंद्र

इस पूरे संबोधन में सबसे स्पष्ट संदेश यह रहा कि विकसित भारत 2047 की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी।

AI ट्रेनिंग, फ्री ऑनलाइन कोचिंग, खेल प्रतिभा की खोज, स्टार्टअप, इनोवेशन, सेमीकंडक्टर, डिफेंस, ग्रीन इकोनॉमी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों को युवाओं के लिए नए अवसरों से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को अपनी युवा आबादी की क्षमता का इस्तेमाल करना होगा।

यानी 80वें स्वतंत्रता दिवस का भाषण सिर्फ पिछले वर्षों की उपलब्धियां गिनाने तक सीमित नहीं रहा। इसका बड़ा हिस्सा इस सवाल पर केंद्रित रहा कि 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले 20 साल में किन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा ताकत लगानी होगी।

सार यह है कि मोदी के 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण की केंद्रीय थीम तीन शब्दों में समझी जा सकती है – युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत। इसके साथ ‘दिमागी नक्सल’ पर चेतावनी, महिला आरक्षण, AI स्किलिंग, ऊर्जा सुरक्षा और ‘शक्ति की सप्तधारा’ ने भाषण को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण बना दिया।

FAQ

1.  PM Modi Speech August 15 2026 में क्या कहा गया?

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवाओं, AI, मैन्यूफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा, डिफेंस, महिला आरक्षण और ‘शक्ति की सप्तधारा’ पर जोर दिया।

 

2. PM Modi ने 15 अगस्त 2026 को युवाओं के लिए क्या ऐलान किया?

सरकार ने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की।

 

3. PM Modi Independence Day Speech में ‘दिमागी नक्सल’ से क्या मतलब था?

प्रधानमंत्री ने हथियारबंद नक्सलवाद के बाद ऐसे वैचारिक तत्वों को लेकर चेतावनी दी, जो उनके अनुसार युवाओं को हिंसा, अराजकता या गलत दिशा की ओर ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।

 

4. PM Modi Red Fort Speech में विकसित भारत का लक्ष्य क्या है?

प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया और इसके लिए मैन्यूफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी, डिफेंस, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को प्रमुख आधार बताया।

 

5. क्या मोदी ने ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र पर भी घोषणा की?

हां। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को समय की जरूरत बताते हुए 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य पर जोर दिया

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